विदेशी मुद्रा भंडार क्या होता है? | What are Foreign Exchange Reserves in Hindi?

विदेशी मुद्रा भंडार क्या होता हैं?

विदेशी मुद्रा भंडार – विदेशी मुद्रा भंडार में नकद, ट्रेजरी बिल, बॉन्ड, एसडीआर और अन्य मौद्रिक प्राधिकरण शामिल हैं, जिन्हें केंद्रीय बैंकों द्वारा बनाए रखा जाता है।

सरल शब्दों में, विदेशी मुद्रा भंडार विदेशी मुद्रा, सोना, ट्रेजरी बिल हैं जो केंद्रीय बैंक आपदा से बचने और मुद्रा को स्थिर रखने के लिए रखता है।

विदेशी मुद्रा भंडार का महत्व ( Importance of Forex Reserves in Hindi )

  • 1- विदेशी मुद्रा को बनाए रखना संभावित आपदा या अप्रत्याशित आपात स्थितियों के लिए।
  • 2- भंडार, बाजार (निवेशकों) को विश्वास का एक स्तर प्रदान करते हैं।
  • 3- विदेशी मुद्रा का उपयोग अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपनी मुद्रा को कम करने के लिए भी किया जाता है।
  • 4- आर्थिक संकट के दौरान अर्थव्यवस्था में तरलता बनाए रखने के लिए।
  • 5- केंद्रीय बैंक देश की मुद्रा को स्थिर रखने के लिए विदेशी मुद्रा भंडार का रखरखाव करते हैं।
  • उदाहरण के लिए – भारत में, भारतीय रिज़र्व बैंक कभी-कभी स्थिति के अनुसार भारतीय रुपये को डॉलर के मुकाबले स्थिर रखने के लिए बाज़ार में डॉलर की तरलता को कम या बढ़ा देता है।
  • 6- कई देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार का उपयोग क्षेत्रों में निवेश करने के लिए भी करते हैं। जैसे – इंफ्रास्ट्रक्चर

विदेशी मुद्रा भंडार के घटक ( Components ) 

विदेशी मुद्रा भंडार में विदेशी मुद्रा, सोना, विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर), ट्रेजरी बिल और आईएमएफ में रिजर्व ट्रेन्च स्थिति शामिल हैं।

विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ोतरी के कारण

  • 1- विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ने के मोटे-मोटे दो ही कारण होते है, फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट और फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट का देश मे बढ़ना।
  • 2- आयात का कम होना।
  • 3- निर्यात बढ़ना।

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