सोशल मीडिया का बच्चों पर प्रभाव।

सोशल मीडिया का किशोरावस्था पर प्रभाव 

नग्नता और यौन सामग्री – सोशल मीडिया दिशानिर्देशों के अनुसार, वे अपने मंच से नग्नता और यौन सामग्री को तुरंत हटा देते हैं, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं होता है, लगभग हर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एडल्ट कंटेंट मिल जाएगा, जो बच्चों के लिए बहुत हानिकारक साबित हो सकता है, जो उनके बौद्धिक विकास में बाधा बन सकता है। 

भ्रांतिजनक जानकारी ( Misleading Information ) – सोशल मीडिया कई लोगों के लिए खबर का स्रोत बन गया है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या हम सोशल मीडिया पर भरोसा कर सकते हैं। सोशल मीडिया का उपयोग करके किसी को भी प्रभावित किया जा सकता है, इसलिए यह आवश्यक है कि हम केवल एक विश्वसनीय स्रोत पर ही भरोसा करें।

स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं – सोशल मीडिया हमारे स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है, आज लोग भौतिक रूप में मिलने के बजाय वर्चुअल मिलना पसंद करते हैं। सोशल मीडिया पर ज्यादातर समय बिताने से हमारी आँखों के साथ-साथ कई और गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

लत – सोशल मीडिया पर किसी से बात करने की सुविधा, अपने विचार व्यक्त करने की सुविधा। अपनी फोटो पर कमेंट और लाइक पाने की लालसा सोशल मीडिया को और भी आकर्षक बनाती है। ज्यादातर लोग सोशल मीडिया के आदी इसीलिए होते हैं क्योंकि वे अपनी समृद्धि और शैली को आसानी से दूसरों को दिखाने में सक्षम हैं।

हर इंसान यहीं दिखाने की कोशिस करता है कि वो बहुत खुश है। आजकल के बच्चे सोशल मीडिया के आदी हो चुके हैं, वे अपना अधिकांश समय सोशल मीडिया पर ऊपर और नीचे स्क्रॉल करने में व्यर्थ कर देते हैं, बस कुछ अच्छा पाने की लालसा में जो उन्हें छड़िक खुसी दे सकें।

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